CGPSC मॉडल आंसर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के लिए जारी की गई आधिकारिक उत्तर कुंजी है। इसमें पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर दिए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थी अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं और अंतिम परिणाम से पहले अनुमानित अंक निकाल सकते हैं।
CGPSC मॉडल आंसर


सही उत्तर है (A) 10 लाख रुपये।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
PMMY को भारत सरकार द्वारा गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों को ₹10 लाख तक का ऋण देने के लिए शुरू किया गया था। ये ऋण वाणिज्यिक बैंकों, आरआरबी (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों), लघु वित्त बैंकों, एमएफआई (सूक्ष्म वित्त संस्थानों), और एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
ऋण को उधारकर्ता की फंडिंग आवश्यकताओं के आधार पर तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
- शिशु: ₹50,000 तक के ऋण को कवर करता है।
- किशोर: ₹50,001 से ₹5 लाख तक के ऋण को कवर करता है।
- तरुण: ₹5,00,001 से ₹10 लाख तक के ऋण को कवर करता है।

सही उत्तर है (B) जाति।
जीव विज्ञान में जाति (Species) वर्गीकरण की मूल इकाई है, जिसमें वे सभी जीव शामिल होते हैं जिनमें आधारभूत समानताएँ होती हैं और जो आपस में प्रजनन करके सक्षम संतान उत्पन्न कर सकते हैं।
अर्थ:
आधारभूत समानताओं युक्त एक व्यक्तिगत जीवधारी का समूह “जाति” कहलाता है।

CGPSC Model Answer

सही उत्तर है (C) नीलगिरि की पहाड़ियाँ।
पूर्वी और पश्चिमी घाट आपस में नीलगिरि पहाड़ियों (Nilgiri Hills) पर मिलते हैं, जो तमिलनाडु के दक्षिणी भाग में स्थित हैं।
नीलगिरि की पहाड़ियाँ एक पर्वत श्रृंखला है जो पश्चिमी घाट का हिस्सा है, और यह तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में स्थित है। ये एक महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषता हैं क्योंकि ये उस जंक्शन का निर्माण करती हैं जहाँ पूर्वी और पश्चिमी घाट मिलते हैं। यह क्षेत्र एक नामित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और अपनी समृद्ध जैव विविधता, अद्वितीय पर्वतीय घास के मैदानों और शोला वनों के लिए जाना जाता है। “नीलगिरि” नाम का अनुवाद “नीले पहाड़” होता है, जो संभवतः 12 साल में एक बार खिलने वाले कुरुंजी पौधे के बैंगनी-नीले फूलों का जिक्र करता है।

सही उत्तर है (B) उष्ण कटिबंधीय प्रदेश / Tropical region।
उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में जलवायु गर्म और आर्द्र होती है, जिससे पौधों और जानवरों की प्रजातियों की अधिकतम विविधता पाई जाती है।
विशेष रूप से अमेज़न वर्षावन, कांगो बेसिन और दक्षिण-पूर्व एशिया के वर्षावन जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध हैं।
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उच्च जैव विविधता क्यों होती है
भूमध्य रेखा के पास स्थित उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में एक स्थिर और जीवन के लिए अनुकूल जलवायु होती है। यहाँ पूरे वर्ष प्रचुर वर्षा और निरंतर सौर ऊर्जा प्राप्त होती है, जो उच्च स्तर की प्राथमिक उत्पादकता और परिणामस्वरूप, बड़ी संख्या में प्रजातियों का समर्थन करती है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक मौसमी परिवर्तनों की कमी ने भी लंबे समय तक विकास की अनुमति दी है, जिससे प्रजातियों के बीच विशेषज्ञता और सह-अस्तित्व की एक उच्च डिग्री का विकास हुआ है।
इसके विपरीत:
- शीतोष्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण मौसमी परिवर्तन होते हैं, जो कई प्रजातियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
- ध्रुवीय क्षेत्रों में एक बेहद कठोर, ठंडी जलवायु होती है जो केवल सीमित संख्या में विशेष प्रजातियों का ही समर्थन कर सकती है।
CGPSC Model Answer

सही उत्तर है (B) Panthera pardus।
चीते का वैज्ञानिक नाम Panthera pardus है। यह Felidae परिवार का सदस्य है और मुख्य रूप से एशिया और अफ्रीका में पाया जाता है।
अन्य बड़ी बिल्लियों के वैज्ञानिक नाम
- शेर (Lion): Panthera leo (विकल्प A)
- बाघ (Tiger): Panthera tigris (विकल्प C)
- हिम तेंदुआ (Snow Leopard): Panthera uncia (विकल्प D)
तेंदुए अपनी प्रभावशाली चढ़ाई करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं और पूरे अफ्रीका और एशिया में व्यापक रूप से पाए जाते हैं। वैज्ञानिक नामकरण प्रणाली, जिसे द्विपद नामकरण भी कहा जाता है, दो शब्दों का उपयोग करती है: पहला जीनस (Panthera) के लिए और दूसरा प्रजाति (pardus) के लिए, ताकि प्रत्येक जीव के लिए एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त नाम प्रदान किया जा सके।

सही उत्तर है C विनिर्मित माल (Manufactured goods)
CGPSC Model Answer

सही उत्तर है (B) इंडो यूनानी कला / Indo Greek Art।
गंधार शैली बौद्ध कला की एक विशिष्ट शैली है, जो भारत की कला और ग्रीक (यूनानी) कला के सम्मिश्रण से विकसित हुई थी। यह शैली मुख्य रूप से गांधार क्षेत्र (वर्तमान पाकिस्तान और अफगानिस्तान) में कुषाण काल के दौरान फली-फूली। इसमें बुद्ध और अन्य बौद्ध प्रतिमाओं को यथार्थवादी एवं मानव-सदृश रूप में दर्शाया गया, जो ग्रीक मूर्तिकला से प्रभावित था।CGPSC Model Answer

सही उत्तर है (A) अनुच्छेद 32 / Article 32।
अनुच्छेद 32 इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को इसका “हृदय और आत्मा” कहा था। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह अनुच्छेद संवैधानिक उपचारों के अधिकार की गारंटी देता है। यह नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की अनुमति देता है।
सर्वोच्च न्यायालय के पास इन अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न रिट जारी करने की शक्ति है:
- बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus): गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पेश करने के लिए।
- परमादेश (Mandamus): किसी सार्वजनिक प्राधिकरण को अपना कर्तव्य निभाने का आदेश देने के लिए।
- प्रतिषेध (Prohibition): किसी निचली अदालत को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकने के लिए।
- उत्प्रेषण (Certiorari): किसी निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को रद्द करने के लिए।
- अधिकार पृच्छा (Quo Warranto): किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के अधिकार पर सवाल उठाने के लिए।
यह अधिकार अन्य मौलिक अधिकारों को सार्थक बनाता है, क्योंकि यह नागरिकों को उनका उल्लंघन होने पर उन्हें लागू करने का एक व्यावहारिक तरीका प्रदान करता है। अनुच्छेद 32 के बिना, मौलिक अधिकार बिना किसी प्रभावी उपचार के केवल घोषणाएं बनकर रह जाते।CGPSC Model Answer

सही विकल्प (B) है क्योंकि कथन (b) और (c) सही हैं, और कथन (a) और (d) गलत हैं।
कथनों का विश्लेषण:
- (a) यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है। यह कथन गलत है। ‘अन्न दर्पण’ परियोजना भारतीय खाद्य निगम (FCI) की एक डिजिटल परिवर्तन पहल है, जो उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत कार्य करता है, न कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत।
- (b) इसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाना है। यह कथन सही है। ‘अन्न दर्पण’ परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य एफसीआई की मौजूदा आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली का आधुनिकीकरण और सुधार करना है।
- (c) इसको ‘डिपो ऑनलाइन सिस्टम’ के रूप में भी जाना जाता है। यह कथन प्रश्न के संदर्भ में सही माना जाता है, हालांकि अधिक सटीक रूप से, ‘अन्न दर्पण’ को मौजूदा ‘डिपो ऑनलाइन सिस्टम’ (DOS) को बदलने और आधुनिक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कुछ संदर्भों में इसे DOS के “निकट संबंधी” या उसके विकास के रूप में संदर्भित किया जाता है।
- (d) इसका मण्डियों, मिलों और डीपों (स्वामित्व और किराए दोनों) के साथ-साथ संभागीय, क्षेत्रीय, जोनल एवं मुख्यालय स्तरों पर परिचालन शामिल नहीं है। यह कथन गलत है। ‘अन्न दर्पण’ प्रणाली को स्पष्ट रूप से इन सभी स्तरों पर, जिसमें मंडियां, मिलें, डिपो और विभिन्न प्रशासनिक स्तर शामिल हैं, संचालन को कवर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि खाद्यान्न वितरण को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाया जा सके।
इसलिए, दिए गए विकल्पों में से केवल कथन (b) और (c) सही हैं। CGPSC Model Answer

सही उत्तर है (A) M⁰L⁰T⁰।

- MPESB Forest Guard & Jail Prahari Bharti 2026 Notification
- SBI Clerk Mains Result 2026 Released: Congratulations to Successful Candidates
- India Post GDS Result 2026: ग्रामीण डाक सेवक मेरिट लिस्ट अपडेट
- UPSSSC लेखपाल PET 2026 का रिजल्ट घोषित, 7,994 पदों पर भर्ती
- UP DElEd (BTC) 1st & 3rd Semester Result 2026 Released – Check Your Scores Online Now